एचपीएल के बारे में

वर्ष 1975 में भारत सरकार द्वारा होम्योपैथिक भेषज संहिता प्रयोगशाला (एचपीएल) को गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश मे होम्योपैथिक दवाओं की पहचान, शुद्धता और गुणवत्ता के मानकीकरण और परीक्षण के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशाला के रूप में स्थापित किया गया था। ‘दवा और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940’ के नियम 3 ए के तहत होम्योपैथिक दवाओं के परीक्षण के लिए होम्योपैथिक भेषज संहिता प्रयोगशाला, “केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला” के रूप में भी कार्य करती है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने होम्योपैथिक भेषज संहिता प्रयोगशाला को एक प्रौद्योगिकी संस्थान के रूप में भी मान्यता प्रदान करी है।

होम्योपैथिक भेषज संहिता प्रयोगशाला के मुख्य उद्देश्य और गतिविधियां इस प्रकार हैं:

  1. भारत में होम्योपैथिक औषधियों का मानकीकरण करना ।
  2. भारत के लिए होम्योपैथिक औषधियों के लिए फार्माकोपिया का प्रकाशन करना ।
  3. ‘दवा और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940’ और नियमों के विभिन्न प्रावधानों के तहत ड्रग कंट्रोल अथॉरिटीज, पोर्ट अथॉरिटीज, राज्य सरकार आदि द्वारा निर्दिष्ट होम्योपैथिक ड्रग्स के नमूनों की पहचान और गुणवत्ता परीक्षण करना ।
  4. होम्योपैथिक औषधियों के मानकीकरण, पहचान और परीक्षण के तरीकों की जानकारी हेतु राज्य / केंद्र सरकार के औषधि प्राधिकरणों, ड्रग इंस्पेक्टरों और ड्रग एनालिस्ट फार्मासिस्टों आदि को दवा और सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 के विभिन्न प्रावधानों के तहत प्रशिक्षण प्रदान करना ।
  5. होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को प्रयोगशाला द्वारा संपादित होम्योपैथिक दवाओं की पहचान, शुद्धता और गुणवत्ता के मानकीकरण और परीक्षण की गतिविधियो की जानकारी हेतु एक दिन की एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन करना ।
  6. होम्योपैथी में उपयोग किए जाने वाले औषधीय पौधों की कार्यालय मे स्थित बगीचे मे पहचान हेतु प्रयोगात्मक खेती करना ।
  7. भारत वर्ष के विभिन्न क्षेत्रों मे औषधीय पौधों का सर्वेक्षण और संग्रह करना ।

दृष्टिकोण, मिशन और उद्देश्य
नागरिक घोषणापत्र
काम का आवंटन
विभिन्न मासिक छूट के साथ कर्मचारियों की सूची
आवंटित बजट
वार्षिक रिपोर्ट (जनवरी 2019 से दिसंबर 2020 तक)
संसद सवालों का विवरण पूछा और जवाब दिया
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (पूछे जाने वाले प्रश्न)